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गुरुवार, 25 सितंबर 2008

जरदारी के नाम खुला पत्र

शर्म आनी चाहिए तुम्हें। तुम अमेरिका लोगों की लुगाइयां देखने गए थे या संयुकत राष्ट ्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने। तुम तो मोहतरमा सारा पालिन के पीछे हाथ धोकर ही पड़ गए। माना कि वह खूबसूरत है पर है तो किसी दूसरे की लुगाई। हमने टीवी पर देखा किस तरह तुम उसका हाथ पकड़ कर जफफी पाने को बेताब हो रहे थे।
गए तो हमारे पीएम साहिब भी थे अमेरिका। उनसे सीखो जरदारी। उन्होंने एक महान राष्ट ्र के महान नेता का व्यवहार दिखाया, जबकि तुमने एक घटिया देश के घटिया नेता की तरह बचकानी हरकत की।
यही हाल रहा जरदारी पुततर तो एक दिन तुमहारी आईएसआई की फौज तुमहारे नीचे से ले लेगी तुम्हारी कुर्सी।